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देश के दिग्गज पुलिस अधिकारी रायपुर में, 60वां डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस शुरू

रायपुर/नई दिल्ली: देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए 60वां अखिल भारतीय डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस (All India DGP/IGP Conference) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुरू हो गया है। इस तीन दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (DGP) और 20 से अधिक पैरामिलिट्री फोर्स (अर्धसैनिक बल) के प्रमुख अधिकारी शामिल हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ से डीजीपी अरुणदेव गौतम कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे हैं और वे राज्य की ओर से प्रेजेंटेशन भी देंगे। उनके अलावा, सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा और बीजापुर में पदस्थ आईपीएस मयंक गुर्जर को ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) के रूप में बुलाया गया है।

पीएम मोदी के निर्देश पर नई व्यवस्था

इस बार कॉन्फ्रेंस में एक नई व्यवस्था देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आयोजित 59वें कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्देश दिया था कि हर राज्य से डीजीपी के अलावा दो और युवा/जूनियर आईपीएस अधिकारियों को ऑब्जर्वर के तौर पर बुलाया जाए। इसका उद्देश्य इन अधिकारियों को कॉन्फ्रेंस की उच्च-स्तरीय प्रक्रिया और चर्चाओं को सीधे देखने का मौका देना है।

सभी राज्यों से बुलाए गए ऑब्जर्वरों की बैठक व्यवस्था आईआईएम की पहली मंजिल पर की गई है, जहां बड़ी स्क्रीन लगाकर उन्हें कॉन्फ्रेंस की कार्यवाही दिखाई जा रही है।

एनएसए, रॉ और आईबी प्रमुख का ठिकाना बदला

देश की सुरक्षा से जुड़े तीन सबसे बड़े नाम – राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के चीफ पराग जैन, और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के चीफ तपन डेका – के ठहरने की जगह में अचानक बदलाव किया गया है।

पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, इन तीनों शीर्ष अधिकारियों को नवीन विश्राम गृह में रुकना था। लेकिन शुक्रवार को अचानक फैसला बदला गया, और तीनों ने आईआईएम कैंपस में ही रहने की इच्छा जताई। इसके बाद तत्काल आईआईएम परिसर में ही उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई।

मेन्यू में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन

कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आए अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और स्वाद से भी परिचित कराया जा रहा है। गुरुवार रात पुलिस लाइन ऑफिसर्स मेस में छत्तीसगढ़ के डीजीपी की ओर से डिनर रखा गया था, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता दी गई।

मेन्यू में विशेष रूप से लाल भाजी सहित कई तरह की छत्तीसगढ़ी भाजी परोसी गई। जंवाफूल (जशपुर) चावल से बनी खास खीर भी अधिकारियों को परोसी गई। असम के डीजीपी हरमीत सिंह ने जब विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की मांग की, तो शुक्रवार के नाश्ते में लोकप्रिय चीला और तीखी पाताल चटनी परोसी गई। दोपहर के भोजन में भी स्थानीय भांजी शामिल रही, जिसका अधिकारियों ने खूब लुत्फ उठाया।

ट्रेनिंग के यार मिले, खुद ड्राइव करके पहुंचे

इस उच्च-स्तरीय कॉन्फ्रेंस में कई पुराने बैचमेट्स और दोस्त अधिकारी काफी समय बाद एक-दूसरे से मिले। ऐसे ही चार बैचमेट्स एक साथ मिले और अपनी ट्रेनिंग के दिनों की यादें ताज़ा कीं। मुलाकात के बाद वे आईआईएम के लिए एक ही कार से रवाना हुए, इतना ही नहीं, उन्होंने ड्राइवर को भी हटा दिया और खुद गाड़ी चलाते हुए आईआईएम कैंपस पहुंचे। भोजन के दौरान भी अधिकारी एक साथ बैठकर पुराने दिनों और अनुभवों को साझा करते हुए देखे गए, जिससे गंभीर माहौल में भी खुशनुमा यादें ताज़ा हो गईं।

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